एलईडी और आरओ वाटर फिल्टर केंद्रों में बने शो पीस

नाम की सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र
सरकार से मिले एलईडी टीवी और आरओ वाटर फिल्टर शो पीस बने
केंद्रो में पानी की सुविधा नहीं और ना ही विद्युत कनेक्शन
जिला अधिकारी की उदासीन कार्यप्रणाली
आलीराजपुर-- शासन अपनी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जिले के विभिन्न तबकों को लाभ पहुंचाने के प्रयास करती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते योजना का न केवल पतीला लग जाता है, अपितु योजना  खानापूर्ति में बदल जाती है।
ऐसा ही कुछ जिले में चिन्हित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों का हाल है। प्रदेश सरकार के द्वारा सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को शुद्ध पानी पिलाने के लिए आरओ वाटर फिल्टर के साथ ही विभिन्न आकर्षक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों की बुद्धि की क्षमता में विकास के लिए एलइडी टीवी प्रदान किए थे लेकिन वह 2 महीने बाद भी आंगनबाड़ी केंद्रों में कहीं शो पीस बने हुए हैं तो कहीं वह स्टोर रूम की शोभा बढ़ा रहे हैं। शोपीस बड़े इन एलईडी टीवी और आरओ  वाटर फिल्टर जिला अधिकारी ने बिना स्थापित किया उनकी पावती देकर ठेकेदार को  सामग्री का भुगतान कराने का रास्ता साफ कर दिया।
क्या हे मामला---जिला मुख्यालय के साथ पूरे जिले के चयनित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए  एक एलइडी टीवी और आरओ वाटर फिल्टर की स्वीकृति मिली थी ।जो लगभग 2माह पूर्व चयनित केंद्रों तक पहुंचा तो दिए ,लेकिन उसका लाभ सक्षम आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों  को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जिला मुख्यालय के राक्सा के सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र पर  एलइडी टीवी पड़ोसी के घर से विद्युत लाइन लेकर कभी कभार चालू करते हे, तो आरओ वाटर फिल्टर केंद्र की दीवार पर शासन द्वारा दी गई सुविधा का बखान करता दिखाई देता है।,क्योंकि केंद्र में पानी का कनेक्शन ही नहीं हे। ऐसे ही कुछ कहानी जिला मुख्यालय के ही सक्षम और आंगनबाड़ी केंद्र       सेमलपाटी की है वहां पर भी एलईडी टीवी चलाने के लिए विद्युत कनेक्शन उपलब्ध नहीं है। वही आरओ वॉटर फिल्टर के लिए नल जल की सुविधा नहीं है। इन दोनों ही केंद्रों पर या तो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता जुगाड़ से पानी की व्यवस्था करती है या फिर आसपास लगे हैंडपंप से पानी लाकर बच्चों को पिलाया जाता है। 
जिला अधिकारी की कार्यप्रणाली चर्चा में--जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मोनिका चौहान की कार्य उदासीन कार्य प्रणाली के चलते सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए सुविधाओं का लाभ आंगनबाड़ी केंद्र में आने वाले बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। 2 महीने पूर्व मिले इन सामग्रियों का लाभ बच्चों को मिल रहा है या नहीं  जिला अधिकारी ने जानने की कोशिश नहीं की। जिले के चयनित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रदेश सरकार द्वारा दिए गए सामग्रियां का लाभ जिला मुख्यालय पर ही  नहीं मिल रहा है तो फिर जिले के अन्य केंद्रों का हाल क्या हो सकता हे इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है ।जिला अधिकारी मोनिका चौहान ने बिना क्रियाशील हुए सामग्रियों की जानकारी कैसे दी यह चर्चा का विषय हो सकता है। शासन के नियमों के अनुसार किसी भी सामग्री के प्रदाय करने पर उसके स्थापित होने के साथ क्रियाशील होने की आवश्यक शर्त होती है लेकिन जिले में कहीं भी सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में शासन द्वारा सामग्री कियाशील नहीं है। ऐसे में सामग्री प्राप्ति देना उचित हे लेकिन उपयोगिता प्रमाण पत्र देकर एक तरह से प्रदायक के भुगतान का रास्ता साफ के दिया हो सकता है।
क्या बोले जिम्मेदार् ---मुझे आपके माध्यम से जानकारी मिली है। मैं  इस प्रकरण को दिखावाती  हु।
श्रीमती नीतू माथुर ,कलेक्टर आलीराजपुर
आंगनवाड़ी केंद्रों में विद्युत जल कनेक्शन के लिए संबंधित विभागों से पत्राचार किया है।
मोनिका चौहान,जिला अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग आलीराजपुर।

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