छात्रावासों से लगातार आती शिकायतों के बात कलेक्टर का बड़ा कदम
जिला अधिकारियों को बनाया नोडल अधिकारी,करेंगे निरीक्षण
छात्रावास केवल रहने का स्थान नहीं,अपितु शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास का केंद्र - कलेक्टर माथुर
आलीराजपुर ---जिले के आश्रम, छात्रावासों से लगातार आती विसंगतियों, अनियमितता की शिकायत के बाद कलेक्टर ने बड़ा कदम उठाते हुए जिले के विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों को एक एक छात्रावास आवंटित कर गोद दिया गया है, साथ ही यह अधिकारी छात्रावास के नोडल अधिकारी के रूप में भी छात्रावासों का लगातार निरीक्षण करते हुए विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं भोजन गुणवत्ता, स्वच्छता, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्था को देखेंगे।
कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर ने इस दौरान कहा की छात्रावास केवल विद्यार्थियों के रहने का स्थान नहीं बल्कि उनके शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र है ।विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा, अनुशासन एवं सर्वांगीण विकास पर ध्यान देते हुए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा
है कि छात्रवासो में उपलब्ध सुविधाओं की लगातार समीक्षा करते हुए उसमें आवश्यकतानुसार सुधार किया जाए। छात्रावास में इस तरह का वातावरण निर्मित करने के प्रयास किए जाए ताकि वहां पर पढ़ने वाले बच्चे अपनी पढ़ाई पर ध्यान लगाते हुए सफलता प्राप्त करें।
कलेक्टर श्रीमती माथुर ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहां है कि छात्रावासों की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।नोडल अधिकारी के रूप में वे नियमित निरीक्षण करते हुए छात्रवासो की व्यवस्था पर सतत निगरानी बनाए रखें तथा किसी भी प्रकार की कमी या समस्या आने पर तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करावे ताकि उसका जल्द निराकरण हो सके।
बड़ा सवाल ---जिले के आश्रम छात्रावास में पिछले काफी समय से विभिन्न प्रकार की शिकायते आती रही है। कलेक्टर श्रीमती माथुर ने उसका निराकरण करने का प्रयास भी किया है लेकिन उसके बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता की चलते सार्थक परिणाम निकलते दिखाई नहीं दे रहे थे।
ऐसे में कलेक्टर का यह प्रयास जिम्मेदारों को न केवल क्रियाशील करेगा अपितु सालों से विस्तार गति के द्वंद में संघर्ष करते छात्रावास के बच्चों को भविष्य में बेहतर सुविधाएं मिल सकेगी। यदि जिले के अधिकारी वास्तविक रूप से अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे।