जनजाति विकास मंच के तत्वाधान में हुआ जनजाति मातृशक्ति सम्मेलन
शेर का शिकार किए बिना जो ना पिए पानी नाम था उसका दुर्गावती रानी-- अनीता ठाकुर
आलीराजपुर --जन जातीय विकास मंच के तत्वाधान में वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती के अवसर पर समाधि स्थल पर जनजाति मातृशक्ति सम्मेलन का आयोजन किया को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने रानी दुर्गावती के शौर्य,साहस और बलिदान का बखान करते हुए उनके आदर्शों पर चलने के साथ सामाजिक कुरीतियों को दूर करने एवं अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहजने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनीता ठाकुर ने "शेर का शिकार किए बिना जो ना पिए पानी, नाम था उसका दुर्गावती रानी, पंक्तियों के माध्यम से मातृशक्ति में साहस आत्मनिर्भर और जागरूकता का भाव जगाने का प्रयास किया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता ने उपस्थिति मातृशक्तियों से आव्हान करते हुए कहा है कि उन्हें रोजगार अथवा अन्य प्रलोभनों के माध्यम से धर्मांतरण करने के प्रयासो सतर्क रहने की आवश्यकता है। साथ ही रोजगार के दौरान परिवार से दूर रहने पर बहन बेटियों से नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए तथा उनकी सुरक्षा परिस्थितियों की जानकारी लेते रहना चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद अनीता चौहान ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों और परिवारों में मोबाइल के बढ़ते उपयोग के चलते परिवार का आपसी संवाद प्रभावित हो रहा है, वहीं बच्चे भी अपनी संस्कृति, परंपराओं एवं रीति रिवाज से दूर हो सकते हैं। बच्चों के माता-पीताओं को बच्चों के साथ समय बिताते हुए उन्हें मोबाइल के संतुलित उपयोग के लिए प्रेरणा देने की आवश्यकता है।
सांसद श्रीमती चौहान ने माता और बहनों से कहा की परिवार और समाज को सही दिशा देने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका हमेशा से रहती आई है। इस तरह के सम्मेलन सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के साथ सांस्कृतिक मूल्य को मजबूत करने का माध्यम है।
कार्यक्रम को में मंचासिन अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हजरी खरत, जनजातीय विकास मंच की महिला प्रमुख राधा सस्तीया एवं भूरीबाई गाड़रिया ने भी संबोधित किया।
इस दौरान गोविंद भयड़िया,राजेश डुडवे,सीमा निगवाल,रेशमा भिंडे,दीपिका चौहान,रेलम डुडवे,गीता जमरा, केशर दीदी, वीणा डावर,नरेश सोलंकी, सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति के साथ संगठन के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन मोनिका डावर ने एवं आभार राधा सस्तीया ने माना।