सिंहस्थ तैयारी कार्यशाला -

पुलिस कंट्रोल रूम में सिंहस्थ ट्रेनिंग का आयोजन
कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर अपडेट करते हे,लेकिन  मन की सकारात्मक विचारों और संस्कारों को भी अपडेट करना आवश्यक -- ब्रह्माकुमार नारायण भाई
आलीराजपुर --पुलिस कर्मियों का जीवन तनाव पूर्ण होता है और कई बार परिस्थितियों तनाव जनित होती हैं जिसके चलते हमारे आंतरिक तनाव को बढ़ावा मिलता है। जिस तरह से हम कंप्यूटर की क्षमता बढ़ाने के लिए उसके सॉफ्टवेयर को लगातार अपडेट करते रहते हैं इस तरह से अपने मां के सकारात्मक विचारों और संस्कार को भी अपडेट करते रहना आवश्यकहै। 
उक्त विचार ब्रह्मा कुमार नारायण भाई ने पुलिस कंट्रोल रूम में सिंहस्थ ट्रेनिंग के लिए आयोजित कार्यशाला में बोलते हुए कहे।
पुलिस विभाग में भी नई-नई तकनीकों के माध्यम से अपराधों को रोकने का प्रयोग किया जाता रहा है, लेकिन वर्तमान में तकनीक को दिशा देने वाला मनुष्य स्वयं कितना  कर सकते हैं।  यह अधिक महत्वपूर्ण है। मनुष्य के भीतर शांति, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की शक्ति होगी तो वह किसी भी चुनौती का सामना सहजता से कर सकता है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी सानिया बहन ने संबोधित करते हुए बताया कि प्रत्येक आत्मा के भीतर शांति प्रेम शक्ति ज्ञान पवित्रता और आनंद जैसी गुण मौजूद रहते हैं, लेकिन यह परिस्थितियों और नकारात्मक संस्कारों के चलते यह गुण दब जाते हैं।इसलिए  हमें राजयोग का अभ्यास करना चाहिए ताकि मूल शक्तियों से हमे जोड़े रखे। जब व्यक्ति स्वयं को सशक्त करता है तो वह परिस्थितियों का शिकार नहीं बनता बल्कि परिस्थितियों को सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बना देता है। 
इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर विजय ने कहा कि पुलिस कर्मियों का जीवन चुनौती पूर्ण है। ऐसे में मानसिक थकान का समाधान केवल आराम करना नहीं है बल्कि मन को सही प्रकार की ऊर्जा देना भी है। 
कार्यक्रम के अंत में नशा मुक्ति समाज के निर्माण के लिए ब्रह्माकुमारी स्थानीय बहन ने शपथ दिलाई।

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