फेरीवाले ने दिया मानवता का संदेश
घायल मरीज को दिया रक्त,बटोरी प्रशंसा
आलीराजपुर ---संबंध निभाने के साथ यदि अपने अंदर की मानवता को जिंदा रखें तो फिर बात कई संदेश देने तक पहुंच जाती है।
जी हां हम बात कर रहे हैं एक अनजान फेरी करने वाले शख्स की जिसने एक अनजान घायल व्यक्ति को रक्त देकर मानवता के संबंधों को पवित्र रूप देखकर घायल युवक की जीवन रक्षा की।
क्या हे मामला - अजंदा निवासी युवक गणपत दोपहर को अपने खेत के पेड़ से लकड़ी काटने के दौरान संतुलन बिगड़ने पर नीचे गिरा और गंभीर चोटे आई।
परिवार के लोग उसे जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए ले गए।मरीज में रक्त की कमी के चलते रक्त चढ़ाने के लिए परिजनों को बोला। अचानक हुए घटनाक्रम के चलते परिवार वाले भी परेशान हो कर रक्त की व्यवस्था में जुटे।इसी दौरान ग्रामों में फेरी करते हुए प्लास्टिक की पन्नी बेचने वाले एक अनजान शख्स को परिवार की परेशानी को जानकारी मिली तो मंदसौर निवासी पन्नी बेचने वाले पंकज पिता शंभूनाथ अपना व्यवसाय छोड़ कर जिला अस्पताल पहुंचा और घायल युवक गणपत को रक्त दान करते हुए मानवता का एक उदाहरण दिया।
अममून इसे ही भारतीयता और मानवता का उदाहरण समझ सकते हैं।जब दो अंजान संबंधों पर एक फेरी वाले युवक पंकज ने अपना दिहाड़ी काम छोड़ मानवता का संदेश देने का प्रयास किया।
पंकज के इस सद्भावना रूपी समर्पण की शिक्षक थानसिंह,डिमच,गुलसिंह सोलंकी, ईडल सिंह ,राजू, ओर सामाजिक कार्यकर्ता नितेश अलावा ने पंकज का आभार माना।