दहशत का तेंदुआ पिंजरे में कैद,ग्रामीणों में राहत
आलीराजपुर ---पिछले कई दिनों से चार ग्राम के लोगो में दहशत का कारण बनने वाला तेंदुआ अंततः देर रात एक पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए को पिंजरे में आने की खबर से ग्रामीणों के बीच में खुशी की लहर दौड़ गई और उनके मन में समा रहा डर दूर हो गया। तेंदुओं को देखने के लिए दूर-दूर से ग्रामीण भी पहुंचने लगे।
वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पकड़े गए तेंदुए को जिले के किसी सघन वन क्षेत्र में छोड़े जाने की संभावना है।
बताते चले कि पिछले 20 दिनों से जोबट तहसील के 5 ग्रामों कंदा,बाँझाबयडा,हीरापुर बड़ी,चमारवेगड़ा और देहदला में सिद्धू की होने की जानकारी मिल रही थी कहीं उसे जंगलों के बीच बैठा हुआ देखा गया तो कहीं पर उसके पद मार्ग से क्षेत्र में होने का अंदाजा लगाया गया, तो कहीं झरने के किनारे पानी के पास देखा गया। जिसके चलते ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया था। किसान रात को अकेला घर के बाहर सोने में डर रहे थे तो वही जंगलों में जाने से भी कतरा रहे थे। वही दूसरी और वन विभाग भी तेंदुआ होने की पुख्ता जानकारी मिलने के बाद प्रभावित ग्रामों के विभिन्न क्षेत्रों का चयन कर पिंजरे लगाते हुए तेंदुओं को पकड़ने के लिए प्रयास कर रहे थे। पर तेंदुए को पकडने वन विभाग को सफलता नहीं मिल रही थी।
वन विभाग एक तरफ रेस्क्यू अर्पाठे में लगा हुआ था तो दूसरी तरफ ग्रामीणों को जंगल में नहीं जाने की एडवाइस दरी जारी भी कर रहा था।
वन विभाग के प्रयासों के बाद भी तेंदुआ का पकड़ में नहीं आने के चलते इंदौर वन विभाग की स्पेशल रेस्क्यू टीम को बुलाया गया था जो मंगलवार शाम को पहुंची थी। इंदौर की रेस्क्यू टीम ने भी मौका मुआयना किया, और वन विभाग आलीराजपुर के द्वारा किया जाए प्रयासों के द्वारा ही आगे की रणनीति पर चलने का फैसला लियागया। मंगलवार देर रात को कंधा के नजदीक लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ आ गया। इसके चलते न केवल वन विभाग के आ अधिकारियो, कर्मचारियों ने राहत की सांस ली, अपितु ग्रामीणों के मन में पिछले 20 दिनों से तेंदुए का डर जाता दिखा।