गायत्री शक्ति पीठ ने निकाली व्यसन मुक्ति रैली
भयावह आंकड़ा --27 करोड़ लोग तम्बाकू का करते सेवन,13 लाख लोग असमय मौत के आगोश में जाते और सरकार का 27 हजार करोड़ उपचार में खर्च
आलीराजपुर ---अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के निर्देश पर स्थानीय गायत्री शक्तिपीठ द्वारा विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर व्यसन मुक्ति रैली और नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया।
गायत्री परिवार के जिला समन्वयक संतोष वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि व्यसनमुक्ती रैली गायत्री शक्तिपीठ से प्रारंभ होकर बस स्टैंड पहुंची जहां व्यसन मुक्ति नाटक का प्रदर्शन किया गया।
इसके पश्चात रैली नीम चौक पोस्ट ऑफिस से रामदेव मंदिर पहुंची यहां पर भी नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के दृष्टिकोण से प्रस्तुति दी गई। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जानकारी देने का प्रयास किया गया कि तंबाकू, बिड़ी, सिगरेट, जर्दा, गुटका और शराब शरीर के लिए बहुत ही नुकसानदायक है।
फलस्वरूप इसके सेवन से जबड़ा, गला, फेफड़े, पेट,लीवर आदि अंगों में कैंसर जैसे घातक व्याधिया उत्पन्न हो जाती है।
नुक्कड़ नाटक में ग्यारसी लाल भाटिया ने नशा नहीं करना मानवो कहना होगा बड़ी खराबी,प्रज्ञा गीत से एवं रामलाल माली हेमंत चौहान मुकेश सोलंकी ने शराबी,बीड़ी, सिगरेट और तंबाकू, गुटखा की नाट्य प्रतुति कमलेश राठौड के दिशा निर्देशन में देते हुए लोगों को तंबाकू बीड़ी सिगरेट शराब गुटका आदि से दूर रहने की अपील की।
इस दौरान गायत्री परिवार के सदस्यों ने तंबाकू सेवन नहीं करने की शपथ दिलवाई।
तंबाकू सेवन के भयावह आंकड़े ---देश में तंबाकू सेवन के और उससे प्रभावित लोगों के आंकड़े भयावह हे। एक अनुमान के अनुसार देश में लगभग 27 करोड लोग तंबाकू का सेवन प्रतिदिन करते हैं जिसके चलते प्रतिवर्ष लगभग 13 लाख लोग असमय मौत के मुंह में चले जाते हैं। इस पर भी सरकार नशे एवं धूम्रपान से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए लगभग 27 हजार करोड़ रूपया से अधिक खर्च करती है। भयावह आंकड़ों से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि शराब, तंबाकू का सेवन हमारे जीवन के लिए कितना खतरनाक है।उल्लेखनीय है कि गायत्री परिवार द्वारा धूम्रपान एवं नशा उन्मूलन के लिए लगातार विभिन्न गतिविधियां सालों से चलाई जा रही है। गायत्री परिवार द्वारा लोगों को जागृत करने के लिए फ्लेक्स एवं बैनर लगाना रैली निकालना नुक्कड़ नाटक करना क्षेत्र में जाकर नशा से नुकसान के संदर्भ में जानकारी देकर उन्हें इस कुर्ती से दूर रहने की लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं।
इस अवसर पर गायत्री परिवार के ट्रस्टी रणछोड़ राठौर, रतनलाल माली, भूर सिंह भिंडे, वीरेंद्र सिंह बघेल, प्रदीप कनेश, ओंकार लाल राठौड,बद्रीलाल राठौर,सत्येंद्र चौहान, प्रतिक राठौर, कुंवर सिंह डावर,महिला मंडल से श्रीमती गायत्री राठौर, गीत राठौर, ज्योति राठौड़, कल्पना भाटिया, कीर्ति राठौर, शारदा पटेल और वीणा वाघेला सहित बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं उपस्थित थी।